ईस देश में लीगल हुआ ‘गांजा’......
ऐसा करने वाला एशिया का पहला देश....
खुशी से झूम उठे लोग, मना रहे जश्न......
देश के स्वास्थ्य मंत्री की योजना गांजा के 10 लाख बीजों को बांटने की है.......
विदर्भ माझा न्युज 24 - थाईलैंड
थाईलैंड में गुरुवार को गांजा रखना और उसकी खेती करना वैध कर दिया गया है. देश के स्वास्थ्य मंत्री की योजना गांजा के 10 लाख बीजों को बांटने की है, जिसकी शुरुआत शुक्रवार से हो रही है. इससे थाईलैंड वीड करने के मामले में नंबर एक बन रहा है. देश के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने गांजे के पौधे को नशीनी दवाओं की श्रेणी से बाहर कर दिया है. जिससे थाईलैंड एशिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जहां चिकित्सा और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए गांजे को अपराध से मुक्त करने का फैसला लिया गया है.
लेकिन यह उरुगवे और कनाडा जैसे देशों से अलग है, जिन्होंने मनोरंजन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गांजे को वैध किया हुआ है. अब लोग न केवल गांजे की खेती कर सकते हैं बल्कि उसका घर बैठे सेवन भी कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा और यह साबित करना होगा गांजे का इस्तेमाल चिकित्सकीय उद्देश्य के लिए किया जाएगा. लोगों ने सरकार की इस योजना का जश्न मनाना शुरू कर दिया है. अब लोग कैफे और अन्य दुकानों से अपनी पसंद का विभिन्न फ्लेवर वाला गांजा खरीद रहे हैं. इनमें शुगरकेन, बबलगम, पर्पल अफगानी और यूएफओ शामिल हैं.
लोगों ने गांजे के सेवन पर जताई खुशी
गांजा को वैध किए जाने के बाद 24 साल के रिटिपॉन्ग बचकुल ने कहा, ‘मैं ये जोर से कह सकता हूं कि मैं गांजा स्मोकर हूं. मुझे पहले की तरह इसे छिपाने की जरूरत नहीं है, जब इसे गैरकानूनी ड्रग माना जाता था.’ सरकार का कहना है कि वह चिकित्सा उद्देश्यों के लिए गांजे का प्रचार कर रही है. लेकिन ये भी साफ है कि उसने गांजे को वैध कर दिया है. सरकार को इस बात की जानकारी है कि उसके इस फैसले के फायदे के साथ नुकसान भी होंगे. हालांकि सरकार ने कहा है कि जो लोग गांजे को मनोरंजन के लिए इस्तेमाल करने का सोच रहे हैं, उनके लिए फैसला है कि सार्वजनिक तौर पर गांजे के सेवन को उपद्रव ही माना जाएगा.
सार्वजनिक स्थान पर गांजा पीने की पाबंदी
अगर कोई सार्वजनिक स्थान पर गांजा पीते हुए पकड़ा गया, तो उसे तीन महीने की जेल की सजा होगी और 780 डॉलर का जुर्माना देना होगा. इसके साथ ही गांजे से बना तेल और दूसरा सामान अब भी गैरकानूनी ही माना जाएगा, अगर उसमें 0.2 फीसदी से अधिक टीएचसी हुआ तो. ये वो केमिकल है, जो लोगों में काफी ज्यादा नशा कर देता है. ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों को भी गांजा खरीदने या उसके सेवन से तब तक बचना चाहिए, जब तक सरकार नियमों को साफतौर पर जारी नहीं कर देती.
