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प्रकृति के अस्तित्व से ही प्राकृतिक जीवजगत का अस्तित्व है.

 प्रकृति के अस्तित्व से ही प्राकृतिक जीवजगत का अस्तित्व है.



 (विदर्भ माझा न्युज 24) :- 

 जिस तरह एक मनुष्य, मनुष्य से जन्मा होता है

ठीक उसी प्रकार ये पेड़-पौधे ,वनस्पति, जंगल 

प्रकृति से उपज्जे हुए है,उससे ही पोसित हुए है |


इंसानो ने बहुत दुर्व्यवहार उनके साथ किया,

जंगलो को खत्म कर अपनी जरूरते पूरी की |

प्रकृति भी कितना रोइ होगी ये सब देख कर 

पर कहते है न सब का वक्त आता है ||

 


लग रहा की अब ये वक्त प्रकृति का है|

जिस तरह अनगिनत पेड़ के काटने से जंगल समशान बना,

आज उसी तरह इंसानी-लाश भी कटे पेड़ो की तरह दिखाई दे रहे | 


जिस तरह उन लकड़ियों को ट्रको पर ले जाया जाता, 

आज उसी प्रकार लासो को ले जाया जा रा | 



 पर इस बिच बदला कुछ भी नहीं !

जो इसके हक़ पे लड़ रहा ,ना वो सुरक्षित है और

उसके संतुलन बिगड़ने से तो कोई सुरक्षित है भी नहीं ||

क्योंकि.......



प्रकृति के अस्तित्व से ही प्राकृतिक जीवजगत का अस्तित्व है ||  🌏🍃🍁

लेखीका :- वर्षा नुरूटी


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