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खून अभी भी बह रहा है..

 खून अभी भी बह रहा है..


19 अप्रैल 1985 बांझी गोली कांड के सभी शहीदों को विदर्भ माझा न्युज 24 की और से शत शत नमन.



 ( विदर्भ माझा न्युज 24 - मुख्य संपादक ) 

शहीद एंथॉनी मुर्मू का खून

अभी भी बह रहा है

बांझी गांव के कुलही 

और पगडंडियों में 

उसकी आवाज़ 

अभी भी हमें पुकार रही है

कह रहा उठ खड़ा और लड़

और उसके साथ

चौदह निर्दोष संतालों की कराह

अभी भी सुनाई देती है

खेतों टीलों और डुंगरियों में।

पत्थर से दबी हुई 

मटरू मुर्मू की लाश

आज भी छटपटा रही है

बांझी गांव के तालाब में।

उसकी वीभत्स चीत्कार

आज भी टकरा रही है

हमारे मन मस्तिष्क में।

आज भी उस महाजन का

कुरूप चेहरा और धूर्तता

हमारे सामने नजर आता है

डराता है, हम पर हंसता है

आते जाते राहों में।

बोरियो थाना के दरोगा की धमक

और बेरहम पोलिस जवान 

की जघन्य करतूत

उनकी  की गोलियां

आज भी हमें छलनी कर रहा

अपने ही घर-आंगन में।

ख़ून अभी बह रहा है

मेरे अगल-बगल में

मेरे आस-पड़ोस में

मेरे घर-आंगन में

खेत-खलिहान में

पहाड़-पर्वतों में

हमें संचार कर रहा

जोश पैदा कर रहा

तरो ताज़ा कर रहा

कह रहा है

उठ खड़ा हो जा

बहा दे तू भी

अपनी गरम ख़ून

कल के लिए

आने वाले पीढ़ियों के लिए।


- बेसरा 'बेपारी'

P Courtesy:- Sanat Marandi


(19 अप्रैल 1985 बांझी गोली कांड के सभी शहीदों को शत शत नमन)

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