तेलुगु पावरस्टार पवन कल्याण ने ली मंत्री पद की शपथ, डिप्टी सीएम के रूप में संभाला कार्यभार....
हेंद्राबाद : तेलुगु सुपरस्टार पवन कल्याण पर चुनावी माहौल में सभी की नजरें टिकी हैं. एक्टर से नेता बने पवन ने आंध्र प्रदेश विधानसभा में पिथापुरम से चुनाव लड़ा और सीट से जीत हासिल की. कई एक्टर बुधवार को आंध्र प्रदेश में नई सरकार के शपथ ग्रहण में शामिल हुए जहां तेलुगु देशम पार्टी (TDP) चीफ एन चंद्रबाबू नायडू बुधवार (12 जून 2024) को चौथी बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली. विजयवाड़ा में केसरपल्ली आईटी पार्क में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और बंडी संजय कुमार के साथ-साथ कई अन्य नेता शामिल रहे. अमित शाह और जेपी नड्डा मंगलवार शाम को ही समारोह में शामिल होने के लिए हैदराबाद पहुंच गए थे.
चंद्रबाबू नायडू के बाद जनसेना प्रमुख और एक्टर पवन कल्याण ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. चंद्रबाबू नायडू की सरकार में डिप्टी सीएम को मिलाकर 23 मंत्री हैं. TDP से 19, पवन कल्याण समेत जनसेना से 3 और भाजपा से एक मंत्री है. एक पद खाली रखा गया है.
जन सेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की प्रतिद्वंद्वी वंगा गीता को 70,000 से अधिक मतों से हराकर जीत हासिल की. कल्याण की ये पहली राजनीतिक जीत है. शपथ ग्रहण समारोह में जहां चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, वहीं पवन कल्याण अब बतौर डिप्टी सीएम आंध्रप्रदेश का कार्यभार सभांलेंगे.
आंध्र प्रदेश में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने के बाद पवन कल्याण ने भाई चिरंजीवी के पैर छूए. लोकसभा चुनाव में 100 फीसदी स्ट्राइक रेट से जीत हासिल करने वाली जनसेना पार्टी के नेता पवन कल्याण ने शपथ लेने के बाद से सुर्खियों में छा गए हैं. आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के पद तक आने से पहले पवन कल्याण ने फिल्मी दुनिया में भी अपने काम से दर्शकों से खूब सम्मान पाया है.
टीडीपी को मिला जबरदस्त समर्थन
आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की 175 में से 135 सीटें जीतकर चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी। चुनाव में पवन कल्याण की जनसेना पार्टी ने 21 सीटें जीती हैं और भाजपा को भी आठ सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी महज 11 सीटों पर सिमट गई है। आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में टीडीपी, जनसेना और भाजपा गठबंधन बनाकर चुनाव मैदान में उतरीं थीं।
पवन कल्याण का राजनीतिक सफर
पवन ने राजनीति में साल 2008 में कदम रखा था. वह प्रजा राज्यम पार्टी की युवा शाखा, जिसे युवराजयम कहा जाता है, के अध्यक्ष बने थे. इस पार्टी की शुरुआत उनके भाई तेलुगू सुपरस्टार चिरंजीवी ने की थी. इस पार्टी में खुद पवन ने भी अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन उस दौरान अपनी हेल्थ की परेशानियों के चलते उन्होंने अपने राजनीतिक करियर पर ब्रेक लगा दिया था. अब वह फिर से आंध्र में बतौर डिप्टी सीएम के रूप में कार्यभार के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
पवन कल्याण का फिल्मी सफर
पवन कल्याण ने साल 1996 में अक्कड़ा अम्मायी इक्कदा अब्बायी के साथ अपने अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले एक्टर की ये फिल्म आमिर खान की कयामत से कयामत तक की ऑफिशियली रीमेक थी. ये अपनी मार्शल आर्ट के लिए भी जाने जाते हैं और उन्होंने गोकुलमलो सीता (1997), सुस्वागतम (1998), थम्मुडु (1999), कुशी (2001), बालू ,(2005), जलसा (2008), गब्बर सिंह (2012), अतरिंटिकी डेरेडी (2013), गोपाला गोपाला (2015), और वकील साब (2021) जैसी कई फिल्मों में काम किया है.
बता दें कि पवन कल्याण ने मार्च 2014 में जनसेना पार्टी की स्थापना की थी. उनकी पहचान एक ऐसे शख्स के रूप में हुई जो कई सेवा कार्यक्रम चलाता है.10 साल के लंबे इंतजार के बाद स्टार पवन कल्याण की किस्मत बदली है.



