डेढ वर्ष के बाद बल्लारशाह रेलवे स्टेशन पहुंची रामगिरि मेमो ट्रेन का जोरदार स्वागत
विदर्भ माझा न्युज 24 - बल्लारशाह
बहुप्रतीक्षित रामगिरि काजीपेठ बल्लारशाह मेमो लगभग डेढ वर्ष बाद बल्लारशाह रेलवे स्टेशन पर पुन: पहुंचने पर यहां इस ट्रेन का जल्लोश के साथ स्वागत किया गया. इस ट्रेन के पहुंचने से जिले के तेलगू भाषी नागरिकों की खुशी देखते ही बन रही थी.
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी से पूर्व रामगिरि पैसेंजर बल्लारशाह तक नियमित रूप से चल रही थी. कोरोना संकट को देखते हुए भारतीय रेलवे ने सभी ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया था. यह ट्रेन कुछ माह से दक्षिण मध्य रेलवे के शिरपुर कागजनगर स्टेशन तक आरही थी जिसके चलते चंद्रपुर जिले के तेलगू भाषिक तेलंगाना आवागमन करनेवाले यात्रियों को शिरपुर कागजनगर जाकर ट्रेन पकडने में परेशानी हो रही थी. जिले के हजारों तेलगू भाषी नागरिकों को हो रही असुविधा को देखते हुए पूर्व केन्द्रीय गृहराज्यमंत्री हंसराज अहीरजी ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष यात्रियों की समस्या को रखा और और निरंतर पत्राचार करते रहे. अहीर के प्रयासों से आखिरकार डेढ वर्ष बाद रामगिरि मेमो ट्रेन को बल्लारशाह के लिए पुन: शुरू किया गया.
आज बुधवार की दोपहर 4 बजे ट्रेन क्र. 07271 रामगिरि बल्लारशाह काजीपेठ मेमो ट्रेन के बल्लारशाह रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर वनविकास महामंडल के पूर्व अध्यक्ष चंदनसिंह चंदेल, नगराध्यक्ष हरीश शर्मा, मध्यरेलवे के जेडआरयूसीसी सदस्य श्रीनिवास सूंचुवार, डीआरयूसीसी सदस्य विकास राजुरकर, स्टेशन सलाहकार समिति सदस्य गणेश सैदाने, ट्रैफिक इंन्सपेक्टर उमाकांत दास, आरपीएफ थानेदार मिश्रा आदि ने ट्रेन चालक, लोको पायलटों का शाल, श्रीफल,पुष्पगुच्छ देकर उनका भावभीना सतकार कर उन्हें शुभकामनाएं दी.
यह ट्रेन प्रतिदिन दोपहर 3.45 बजे बल्लारशाह रेल स्टेशन आयेगी और बल्लारशाह रेलवे स्टेशन से दोपहर 4 बजे काजीपेठ के लिए रवाना होगी. इस ट्रेन की पिछले डेढ वर्षो से रेलयात्री विशेषकर तेलगूभाषिक रेल यात्री प्रतीक्षारत थे. ट्रेन के शुरू होने से सभी में अपार खुशी का माहौल है.
इस समय ट्रेन के स्वागत के लिए श्रीनिवास उन्नवा सर, देवेंद्र वाटकर, रामेश्वर पासवान, शेखर श्रीवास्तव, श्रीनिवास उसकलवार, रोहन तोकल, सुनील कोडशेट्टीवार, मनीष पोलशेट्टीवार, कुलदीप सुंचूवार, मानव वनपत्तीवार, मिलींद पोलशेट्टीवार, राहुल कोंतावार, राकेश कांबले, विवेक डोंडरे, रामू बंडी आदि ने किया. इस समय बड़ी संख्या में तेलगू भाषिक नागरिक उपस्थित थे.




