महुआ का दोष नहीं.
(विदर्भ माझा न्युज 24 - मुख्य संपादक)
महुआ का दोष नहीं..
महुआ पीकर तुम पहले..
प्रेम के गीत गाते थे..!
कोई कथा सुनाते थे..
नाचते थे, थक्कर सो जाते थे..!
महुआ का दोष नहीं..
महुआ पीकर तुम पहले ..
प्रेम के गीत गाते थे...!!
पर महुआ पीकर अब तुम..
हिंसा करते हो, हत्यारे हो जाते हो..
और सारा दोष महुआ पर डाल देते हो..
महुआ का दोष नहीं..
महुआ पीकर तुम पहले ..
प्रेम के गीत गाते थे...!!!
महुआ का दोष नहीं..
महुआ तो अब भी वही है..
पर क्या बदल गया है तुम्हारे भीतर..
जो हर बार महुआ पीते ही बाहर आ जाता है ।।
महुआ का दोष नहीं..
महुआ पीकर तुम पहले ..
प्रेम के गीत गाते थे....!!!!
